[FORM] कृषि इनपुट अनुदान 2020 पंजीकरण ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म

कृषि इनपुट अनुदान योजना: कृषि इनपुट अनुदान योजना को बिहार सरकार की किसान सब्सिडी योजना भी कहा जाता है । बिहार सरकार द्वारा इस योजना का लाभ उन किसानों को दिया जाएगा जिन किसानों की कृषि बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। बिहार सरकार द्वारा इन किसानों को सब्सिडी दी जाएगी। हम सभी जानते हैं कि मानसून इस बार किसानों पर बहुत मेहरबान था लेकिन अंत समय में जब फसल पूरी तरह से खेतों में पक चुकी थी तब बारिश ने अपना रुख दिखाय | पूरी फसल को बहुत अधिक नुकसान हुआ। कई जगहों पर भारी बारिश के साथ साथ ओलावृष्टि भी हुई जिससे किसानों को अधिक नुकसान हुआ है । बिहार राज्य में रवि की फसल को किसी स्थान पर कम तथा किसी स्थान पर अधिक नुकसान हुआ है|

कृषि इनपुट अनुदान
कृषि इनपुट अनुदान

किसानों की भरपाई करने के लिए राज्य तथा केंद्र सरकार दोनों ही मदद कर रहे हैं। कई राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों की भरपाई की जा रही हैं लेकिन कई राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ना होने के कारण राज्य सरकार ही उन्हें सब्सिडी उपलब्ध कर रहे हैं| बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा राज्य के 11 जिलों के किसानों को रबी फसल के अनुदान योजना के तहत सब्सिडी देने का फैसला किया है और इसके लिए आवेदन पत्र भी आमंत्रित किए हैं रवि अनुदान योजना के तहत उन किसानों से आवेदन मांगे गए हैं जिनके पास स्वयं की भूमि है या फिर वह बटाईदार है ।

कृषि इनपुट योजना का ब्यौरा

योजना का नाम- कृषि इनपुट सब्सिडी योजना 2020
शुरू की गई- नीतीश सरकार के द्वारा
राज्य- बिहार
लाभार्थी- किसान
आवेदन शुल्क- निशुल्क
विभाग- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण कृषि विभाग बिहार सरकार
सर्वप्रथम प्रदेश के लाभार्थी- 11 जिले (औरंगाबाद, भागलपुर, बक्सर, गया ,जहानाबाद, कैमुर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्वीचंपारण, समस्तीपुर, वैशाली)

कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के प्रमुख बिंदु

  1. बिहार का किसान है बिहार सरकार द्वारा चलाई गई कृषि इनपुट योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान को सबसे पहले बिहार राज्य के कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य रहेगा।
  2. इस योजना के लिए लाभ प्राप्त करने तथा आवेदन करने के लिए आवेदन कर्ता को किसी भी प्रकार का शुल्क अदा करने की आवश्यकता नहीं है सरकार द्वारा निशुल्क सुविधा उन्हें प्रदान की गई है ।
  3. आवेदन करने के लिए किसान के पास आधार कार्ड का होना अनिवार्य रहेगा।
  4. पंजीकरण कराने के पश्चात किसान को 13 अंकों का एक पंजीकरण नंबर दिया जाएगा।
  5. इस नंबर से रवि इनपुट के लिए वे आसानी से आवेदन कर सकता है।
  6. किसान का बैंक खाता आधार नंबर से लिंक होना अनिवार्य है।

कृषि इनपुट अनुदान पंजीकरण

बिहार सरकार द्वारा सर्वप्रथम उन जिला के किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पर किसानों को अधिक नुकसान हुआ है इसमें सरकार द्वारा कुल 11 जिलों को चिन्हित किया गया है जिन्हें कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के तहत सहायता प्रदान की जाएगी । बिहार सरकार द्वारा चिन्हित किए गए 11 जिले इस प्रकार हैं औरंगाबाद, भागलपुर,बक्सर, गया ,जहानाबाद, कैमुर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, वैशाली । योजना के पहले चरण में इन जिलों से आए आवेदनों को ही सरकार द्वारा किसान कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के तहत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

कृषि इनपुट सब्सिडी योजना की पात्रता

  • सर्वप्रथम आवेदन कर्ता का बिहार का निवासी होना अनिवार्य है।
  • आवेदन कर्ता बिहार के ऊपर लिखित 11 जिलों में से किसी एक जिले से संबंध रखने वाला होना चाहिए तभी उसे कृषि इनपुट सब्सिडी योजना का लाभ दिया जाएगा ।
  • किसी भी बैंक का किसान तथा बटाईदार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
  • कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के अंतर्गत किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक के लिए आवेदन कर सकता है।

कृषि इनपुट अनुदान

कृषि इनपुट अनुदान योजना के माध्यम से किसानों को सहायता पहुंचाना है, सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। कृषि योग्य भूमि जहां बालू तथा सिल्ट का जवाब 3 इंच से अधिक होता है वहां पर 12200 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाता है। एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए अनुदान ले सकता है। रवि अनुदान योजना के तहत 2020 में सरकार द्वारा प्रत्येक किसान को न्यूनतम ₹1000 की लाभार्थी राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी ऐसी स्थिति में आपके खाते में पैसा आधार कार्ड के माध्यम से ही भेजा जाएगा। राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें इस योजना के तहत आवेदन करना होगा। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको यह पता होना आवश्यक है कि आपका जिला लाभार्थी जिलों में शामिल है या नहीं तभी आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं इसकी जानकारी आप अपने ब्लॉक में जाकर प्राप्त कर सकते हैं।

रवि अनुदान योजना के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

आधार कार्ड
किसान के पास एलपीसी
जमीन रसीद
वंशावली जमाबंदी
विक्रय पत्र
इसके अतिरिक्त बटाईदार के पास वास्तविक खेतिहर
बटाईदार के पास वास्तविक खेती हर
स्वयं भूमि लेने की स्थिति में भूमि के दस्तावेज
स्वयं घोषणा पत्र

Bihar Krishi Anudan Yojana

बिहार सरकार द्वारा किसानों को एक हेक्टेयर पर ₹13500 का अनुदान देने के लिए सरकार ने घोषणा की है यह अनुदान प्रदेश के 11 जिलों में किसानों को भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा मिलकर प्रदान किया जाएगा| कृषि इनपुट योजना के तहत संचित क्षेत्र के किसानों को 6800 प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा तथा सिंचित क्षेत्र के किसान को 13500 प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान प्रति किसान को 2 हेक्टेयर के हिसाब से दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा प्रभावित किसानों को कम से कम एक हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया जाएगा।

अतिवृष्टि के कारण प्रभावित फसलों एवं ओलावृष्टि के कारण कृषि पर हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा किसानों को सब्सिडी प्रदान की जा रही है । यह सब्सिडी भारत सरकार द्वारा अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं एवं राज्य सरकार द्वारा स्थानीय आपदाओं के अधीन निर्धारित सहायता मापदंडों के अनुरूप दी जाएगी। बिहार सरकार द्वारा यह योजना राज्य के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की है।

कृषि इनपुट अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन

कृषि इनपुट अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 2020 से शुरू हो गए हैं सभी किसान भाई जिन्हें बहुत अधिक नुकसान इस फसल में हुआ है वह इसके लिए जल्द अपना आवेदन भर सकते हैं| उन्हें ऊपर लिखित दस्तावेजों सहित आवेदन करना है यह आवेदन करने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों को पूरा करना है ताकि सरकार द्वारा सब्सिडी आपके खाते में डाल दी जाए। किसान भाई को यह ध्यान में रखना है कि यदि आवेदन करते समय उसमें किसी प्रकार की कोई गलती पाई जाती है तो उसे इस गलती में बदलाव 48 घंटे के अंदर करना होगा अन्यथा आवेदन उसी रूप में 48 घंटे के बाद संबंधित कृषि समन्वयक को जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगा इसके बाद संबंधित गलती में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा अन्यथा हम कह सकते हैं कि बदलाव करना किसान द्वारा संभव नहीं होगा।

Click here: PM Kisan Application Form

  1. जैसा कि हम आपको पहले भी इस बारे में बता चुके हैं कि इनपुट अनुदान योजना के लिए आपके पास 13 अंकों का पंजीकरण संख्या का होना अति अनिवार्य है
  2. यदि आपके पास यह संख्या नहीं है तो किसान भाई अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर तथा वसुधा केंद्र में जाकर ऑनलाइन अनुदान आवेदन के लिए संपर्क कर सकते है, या फिर अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ही अनुदान आवेदन भी भर सकते हैं ताकि आप यह 13 अंकों का पंजीकरण संख्या प्राप्त कर सकें।
  3. आवेदन करने के लिए किसान भाई को सबसे पहले विभाग के अधिकारी साइट प्रत्यक्ष लाभ अंतरण कृषि विभाग बिहार सरकार पर जाना होगा ।
  4. अब आपको दिए गए पेज में मेनू पर क्लिक करना है और अनुदान के प्रकार जाने इनपुट अनुदान का चयन करना है।
  5. अनुदान आवेदन के लिए 13 अंकों का पंजीकरण संख्या का भरना अनिवार्य रहेगा।
  6. सही पंजीकरण संख्या अंकित करने की स्थिति में आवेदक को पंजीकरण विवरण के साथ साथ आवेदन प्रपत्र दिया जाएगा।
  7. पंजीकरण विवरण में किसी प्रकार की कोई गलती होने की स्थिति में आवेदक उपलब्ध विवरण संपादित मैन्यू पर क्लिक कर पंजीकरण विवरण संपादित कर पाएंगे।
  8. विवरण संपादित करने का मौका अभी तक को सिर्फ एक बार ही दिया जाएगा।
  9. 13 अंक की पंजीकरण संख्या के माध्यम से आवेदन ऑनलाइन अनुदान आवेदन में मांगे गए आवश्यक विवरण अंकित कर सकेंगे।
  10. जमीन का विवरण आवेदक तथा किसान डिसमिल में अंकित करेंगे ध्यान रखें इस योजना के लिए लाभार्थी अधिकतम 30 डिसमिल के लिए ही योजना लागू की गई है तथा 1 एकड़ 100 डिसमिल के बराबर होता है।
  11. किसान भाई द्वारा विवरण संपादित तथा अंकित करने के उपरांत सबमिट बटन पर क्लिक करना है। तत्पश्चात आवेदक को आवेदन संख्या एवं अन्य जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेज दी जाएगी। तथा साथ ही इसकी सूचना असमैस के माध्यम से आवेदक के पंचायत के अनुसार उसी पंचायत एग्रीकल्चर कोऑर्डिनेटर को सत्यापन के लिए भी भेज दी जाएगी।
  12. अभी तक उपलब्ध आवेदन को प्रिंट करने तथा चयन कर जमा करने के लिए आवेदन के प्रीति को पंजीकरण संख्या के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
  13. किसान भाई को आवेदन का अनुमोदन पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से मिल जाएगा।

Official Website: Click here

प्रिय किसान भाइयों यह जानकारी है बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2020 के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट के माध्यम से हम से प्रश्न पूछे हम आपके प्रश्नों के उत्तर अवश्य देंगे।

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